7 आय के स्रोत जो करोड़पतियों के पास हैं लेकिन गरीबों के पास नहीं हैं

7 आय के स्रोत जो करोड़पतियों के पास हैं

एक बार दो दोस्त एक दूसरे से बात कर रहे थे। पहला दोस्त दूसरे से पूछता है कि तुम एक दिन में कितने घंटे काम करते हो। दूसरा दोस्त बोलता है करीब 12 घंटे जिसमें सात से आठ घंटे नौकरी में लगाता हूं और तीन चार घंटे अपनी पार्ट टाइम जॉब करता हूं। अब दूसरा दोस्त पहले दोस्त से पूछता है कि तुम एक दिन में कितने घंटे काम करते हो। तब पहला दोस्त कहता है मैं एक दिन में 400 घंटे काम करता हूं।

दूसरे दोस्त को ये बात इम्पॉसिबल लगी और आप में से भी अधिकतर लोग यही सोच रहे होंगे कि कोई इंसान एक दिन में 400 घंटे काम कैसे कर सकता है क्यों कि एक दिन में तो सिर्फ 24 घंटे ही होते हैं। तब वो पहला दोस्त थोड़ा डिटेल में एक्सप्लेन करता है कि उसने एक कंसल्टेंसी फर्म खोली है जिसमें उसके पास 50 एम्प्लॉइज है और हर एम्प्लॉइज लगभग 8 घंटे काम करता है। अगर आप कैलकुलेट करो तो ये फीगर 400 घंटे के करीब पहुंचता है।

यहां दूसरा दोस्त earned income के बारे में बात कर रहा है जबकि पहला दोस्त बिजनेस इनकम के बारे में बात कर रहा है और दुनिया के लगभग 90% लोग earned इनकम के जरिये पैसा कमाते हैं और क्यूंकि earned इनकम में जितने घंटे आप काम करते हैं उतने ही घंटे के आपको पैसे मिलते हैं और कोई भी नॉर्मल इन्सान एक दिन में 20 घंटे से ज्यादा काम नहीं कर सकता।

इस रीजन से आप एक लिमिटेड अमाउंट में ही पैसे कमा सकते हैं और कभी भी फाइनेंशियल फ्रीडम अचीव नहीं कर पाते। जबकि एक मिलियनर कभी भी सिर्फ सिंगल इनकम पर डिपेंडेंट नहीं रहता। उनके पास कई अलग अलग आय के स्रोत होते हैं जिनसे उनको पैसा मिलता रहता है।

उसमें कुछ एक्टिव इनकम होती है तो कुछ पैसिव इनकम, कुछ हाइली टैक्सेबल और कुछ नॉन टैक्सेबल। कहा जाता है कि मिलियनर्स के पास 7 आय के स्रोत होते हैं लेकिन वो पूरा सच नहीं है। क्योंकि सब मिलियनर्स के पास सातों के 7 आय के स्रोत हो ये जरुरी नही। लेकिन दो चार इनकम स्ट्रिप्स का कॉम्बिनेशन जरूर होता है। तो चलिए देखते हैं वो 7 आय के स्रोत जिसे मिलियनर्स पसंद करते हैं।

#1 Earned Income

तो पहला और सबसे कॉमन इनकम सोर्स है Earned income। इससे इनकम को ऐक्टिव इनकम भी कहते हैं। क्योंकि आप खुद अपना टाइम देकर पैसा कमाते हैं और जब तक आप काम करते हैं तब तक आपको पैसे मिलते हैं। अगर आप काम करना बंद कर देते हैं तो आपको पैसे मिलने भी बंद हो जाते हैं। यही वो पॉइंट होता है जहां से सभी लोग स्टार्ट करते हैं। एक वॉचमेन से लेकर सीइओ तक सभी earned income से ही स्टार्ट करते हैं और यही सबसे सेफ तरीका है अपनी जर्नी स्टार्ट करने का।

पर इस जगह पर लंबे टाइम तक रहना डेंजरस से। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां पर आप घड़ी के अकॉर्डिंग काम करते हो और 24 घंटों में आप लिमिटेड काम करके लिमिटेड पैसा ही कमा सकते हो। Starting के लिए Earned income सही है लेकिन कुछ टाइम बाद आपकी दूसरी इनकम भी बना लेनी चाहिए क्योंकि यही सोर्स ऑफ इनकम हाईली टैक्सेबल भी है।

आप जितना ज्यादा कमाते हैं उतना ही ज्यादा आपको टैक्स देना पड़ता है और कुछ केसेस में ये टैक्स थर्टी परसेंट से भी ज्यादा होता है मतलब पड़ाव के बाद आपकी इनकम का करीब आधा हिस्सा सरकार की जेब में चला जाता है। Earned income पैसा कमाने का एक शानदार और शुरुआती जरिया है लेकिन अगर आपको फाइनैंशल सेफ्टी चाहिए तो आपको पैसे कमाने के और भी तरीके अपनाने चाहिए।

#2 Business Income

नंबर टू है बिजनेस इनकम। ये वो इनकम होती है जहां आप एक एम्प्लॉयी से entrepreneur बनते हैं। बिजनेस इनकम का मतलब है कोई प्रॉडक्ट को उसकी मार्केट वैल्यू से हायर प्राइस पर सेल करना। फिर चाहे वह फिजिकल प्रोडक्ट हो या डिजिटल प्रॉडक्ट। बिजनेस इनकम भी दो प्रकार की हो सकती है ऐक्टिव इनकम और पैसिव इनकम।

अगर प्रोडक्ट खुद अपने हाथों से बनाते हो तो एक एक्टिव इनकम होगी इसमें भी आप जब तक काम करेंगे तब तक आपको पैसे मिलेंगे। एग्जाम्पल के लिए हैंडीक्राफ्ट आइटम्स और पेंटिंग्स जैसी चीजें अगर आप खुद बनाकर बेचते हो तो ये एक्टिव बिजनेस इनकम होगी। इस इनकम को आप बड़े लेवल पर स्केल नहीं कर सकते।

पर अगर आप अपने प्रॉडक्ट की डिजाइन करते हो और उसे बनाता कोई और है जैसे डिजाइन बाय एपल इन कैलिफोर्निया एंड मेड इन चाइना जैसा केस। तो ये इनकम आपकी स्कैलेबल है क्योंकि इसमें अगर आप एक बार अपने बिजनेस सिस्टम सेट कर दो या एम्प्लॉयीज हायर कर लेते हो तो आपके पास फ्री टाइम बचता है। जिसे आप और इनकम सोर्सेस बिल्ड करने में यूज कर सकते हो। कभी भी कोई भी बिजनेस स्टार्ट करने से पहले आपको यह जरूर देखना चाहिए कि आपका बिजनेस स्केलेबल है भी या नहीं और अगर है तो उसे आप किस हद तक स्केल कर सकते हो।

#3 Interest Income

3rd टाइप की इनकम है इंटरेस्ट इनकम। ये दुनिया के सबसे पुराने बिजनेस मॉडल में से एक है जो कहता है कि पैसा पैसे को खींचता है। मतलब इस इनकम में आपका पैसा आपके लिए काम करता है। जब भी आप किसी को पैसा देते हो और उसके बदले आपको इंटरेस्ट के रूप में कुछ एक्स्ट्रा पैसा मिलता है तो उसे इंटरेस्ट इनकम कहते हैं। ये इनकम पूरी तरह से पैसिव इनकम होती है क्योंकि इसे कमाने के लिए आपको एक्टीवली काम नहीं करना पड़ता। एफडी, आरडी, बैंक डिपॉजिट और गवर्नमेंट बॉन्ड्स इंटरेस्ट इनकम कमाने के कुछ तरीके हो सकते हैं।

#4 Dividend Income

अगला सोर्स ऑफ इनकम है डिविडेंड इनकम। डिविडेंड इनकम तब मिलती है जब आप किसी कंपनी के शेयर खरीदते हों तब उस कंपनी पर कुछ मालिकाना हक आपका भी बनता है और अगर वो कंपनी प्रॉफिट earn करती है तो आप भी उस प्रॉफिट के हकदार बनते हों और उस प्रॉफिट का कुछ हिस्सा आपको डिविडेंड के फॉर्म में दिया जाता है। डिविडेंड जनरली क्वार्टरली मतलब हर तीन महीने पर डिक्लेयर होते हैं।

अब यह जरूरी नहीं कि हर कंपनी आपको डिविडेंड दे। हर कंपनी का डिविडेंड देने का अपना अपना तरीका होता है। फोर एग्जाम्पल अगर मेरे पास एक प्राइवेट कंपनी के 10 हजार शेयर से अगर उस कंपनी ने 5 रुपए पर शेयर डिविडेंड दिया है, इसका मतलब मुझे कुल डिविडेंड मिलेगा 50000 रुपए। डिविडेंड इनकम सबसे बढ़िया और सबसे कम क्यों है क्योंकि इंडिया में 10 लाख तक earn कीये हुई डिविडेंड पर कोई टैक्स नहीं लगता। पर अगर आपका डिविडेंड 10 लाख को पार करता है तब भी आपको सिर्फ टेन पर्सेंट टैक्स पे करना होगा। जो कि Earned income के टैक्स रेट से काफी कम है।

#5 Rental Income

Next इनकम है रेंटल इनकम। जब आप अपना कोई सामान किसी दूसरे को यूज करने के लिए देते हो और उसके बदले आपको किराए के रूप में कुछ पैसा मिलता है तो इसे रेंटल इनकम कहते हैं।

ये भी एक तरह की पैसिव इनकम ही है। ज्यादातर लोग अपनी प्रॉपर्टी को रेंट पर देते हैं और वो समझते हैं कि रेंटल इनकम कमाने का वो ही एक जरिया है लेकिन यह जरूरी नहीं कि आपको रेंटल इनकम कमाने के लिए बड़े बड़े इनवेस्टमेंट ही करने पड़े। आप कम इनवेस्टमेंट वाली चीजें भी रेंट पर दे सकते हो। फोर एग्जाम्पल आप किसी को equipment रेंट पर दे सकते हो। किसी को कार रेंट कर सकते हो किसी को इंस्ट्रुमेंट्स जैसे इवेंट्स के लिए स्पीकर सिस्टम रेंट कर सकते हो आदि।

रेंटल इनकम का बेस्ट एग्जाम्पल है रमेश बाबू जो प्रोफेसन से एक बारबर हैं लेकिन उनके पास 400 से भी ज्यादा लग्जरी कार है। जिसमें जगुआर से लेकर रॉल्स रॉयस तक सारी लग्जरी कार सामिल है। उन्होंने अपने मेन प्रोफेशन के साथ साथ इन लग्जरी कारों की रेंटल सर्विस भी स्टार्ट करी और आज वो एक Billioner है।

#6 Capital Gains

ये एक ऐसा सोर्स ऑफ इनकम है जो सच में आपको मिलियोनर बना सकता है। यहां पर हम एसेट्स जैसे रीयल एस्टेट, स्टॉक्स इन्हें एक्वायर करते हैं और इन फ्यूचर इसे हाई प्राइस पर बेच देते हैं। जैसे अगर आप सौ रुपए में शेयर खरीदते हो और उसे 150 में बेचते हों तो 50 रुपये आपका कैपिटल गेंस।

इसी तरह अगर आपने कोई प्रॉपर्टी दो करोड़ में खरीदी और कुछ साल वेट करने के बाद उसे पांच करोड़ में बेच देते हो। तो 3 करोड़ आपका कैपिटल गेन होगा। कैपिटल गेन्स के इनकम बिजनेस इनकम से बिल्कुल डिफरेंट है क्योंकि यहां पर अब कोई प्रोडक्ट या सर्विस मैन्युफैक्चर नहीं कर रहे। आप जस्ट ऐसेट्स को होल्ड कर रहे हो। जो फ्यूचर में Appreciation की वजह से आपको मैसिव इनकम प्रोवाइड करते हैं।

लेकिन हम ज्यादातर चीजें ऐसी खरीदते हैं जिसकी वैल्यू टाइम के साथ कम होती जाती है जैसे फोन या कार, टीवी, बाइक एक्सट्रा। लेकिन कैपिटल गेन पाने के लिए आपको अपने पैसे को सही तरीके से उन चीजों पर इन्वेस्ट करना होगा जिसका फ्यूचर में दाम बढ़ सके। जैसे गोल्ड,सिल्वर, प्रॉपर्टी, शेयर आदि।

#7 Royalty Income

ये मेरा पर्सनल फेवरेट आय का स्रोत है। रॉयल्टी इनकम ज्यादातर कॉन्टेंट क्रिएटर्स जैसे म्यूजिक आर्टिस्ट राइटर या विडियो क्रिएटर में काफी पॉप्युलर होती हैं। रॉयल्टी इनकम एक तरह की कंटीन्यूस इनकम है जो आपको किसी पर्टिकुलर वर्क के बिहाफ में मिलती रहती है।

जैसे आपने कोई मूवी बनाई जिसे लोग सालों तक देखेंगे, आपने कोई बुक लिखी जिसे लोग कंटीन्यू परचेज करते हैं, या जब भी आपने बनाई हुई क्रिएशन परचेज या सब्सक्राइब होगी तब आपको इनकम होगी। फॉर एग्जाम्पल एक म्यूजिक आर्टिस्ट जबी कोई म्यूजिक बनाता है तो वो म्यूजिक स्ट्रीमिंग सर्विसेज और म्यूजिक लेबल की हेल्प से पब्लिक तक पहुंचता है और जब जब वो गाना प्ले होगा तब तब उस आर्टिस्ट को इनकम होती रहेगी।

अगर हम एग्जाम्पल ले ऑथर जे के रोलिंग का तो उन्होंने हैरी पॉटर सिर्फ एक बार लिखी लेकिन आज भी जब भी कोई हैरी पॉटर की बुक्स, टॉयज, या गेम्स खरीदता है या कोई हैरी पॉटर का थीम पार्क भी विजिट करता है तब भी उसकी रॉयल्टी मतलब उसमें से थोड़े से पैसे जेके रोलिंग की जेब में जाते हैं। इन शॉर्ट उन्होंने वर्क एक बार किया लेकिन उसे अलग अलग फर्म में कनवर्ट करके अपने लिए मल्टीपल सोर्सेज ऑफ इनकम जनरेट कर ली।

Conclusion

आपको एक साथ सातों की सातों तरीके से पैसे कमाने की ट्राई नहीं करनी बल्कि पहले एक टाइप के आय के स्रोत बिल्ड करो और जब आप उससे कुछ इनकम जेनरेट करने लगो उसके बाद दूसरे टाइप की इनकम पर आओ। ज्यादातर लोग इनकम के एक दो तरीके ही जानते हैं लेकिन दोस्तो आपके पास पैसे कमाने के जितने ज्यादा तरीके होंगे आप उतनी सिक्योर और लग्जरी लाइफ जी पाएंगे। और लास्ट में आपसे प्रश्न है कि कौन सा तरीका आपको सबसे अच्छा लगा और साथ ही साथ आपको कोनसा नया इनकम का तरीका अपनी लाइफ में add करना चाहेंगे। कमेंट करके मुझे जरूर बताना। माना कि मैं रिप्लाई नहीं करता पर मैं आपकी हर कमेंट पढ़ता हूं। धन्यवाद।

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