Short Selling क्या है और कैसे करे (2021)?

Short Selling क्या है और कैसे करे

हैलो फ्रेंड्स। सामान्य तौर पर हम सभी ये जानते हैं कि हम उसी चीज को बेच पाते हैं जिसे हमने पहले खरीदा हो। लेकिन शेयर मार्केट में ट्रेड करने वालों को ये फैसिलिटी मिली है कि वो पहले बेच कर बाद में खरीद सकते हैं।

क्या है Short Selling?

शेयर मार्केट में ट्रेड करने का तरीका जिससे पहले सेल करके बाद में खरीदा जाता है शॉर्ट सेलिंग कहलाता है।

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Short Selling करे कैसे?

सामान्य तौर पर हमें पहले स्टॉक को कम भाव में खरीदना होता है और बाद में स्टॉक का भाव बढ़ जाने पर उसे ज्यादा भाव में बेचकर फायदा कमाया जाता है।

लेकिन Short Selling स्टॉक मार्केट में इसके ठीक उल्टा एक कॉन्सेप्ट है। स्टॉक मार्केट में प्रॉफिट कमाने के लिए जरूरी नहीं कि स्टॉक का भाव बढ़ेगा तभी आप फायदा कमाएंगे बल्कि किसी स्टॉक के भाव गिरने पर भी बहुत अच्छा फायदा कमाया जा सकता है। अगर आपको लगता है कि मार्केट गिरने वाला है तो आप पहले किसी शेयर या इंडेक्स डेरिवेटिव्स को बेच सकते हैं।

अगर आपके अनुमान के अनुसार मार्केट नीचे जाता है तो जितना नीचे जाएगा उतना ही आपका प्रॉफिट बढ़ता चला जाएगा और जब आपका टारगेट मिल जाए तब आपको शेयर या इंडेक्स डेरिवेटिव्स को जीसे आपने साल किया था उसे खरीद कर सौदा स्क्वायर ऑफ करके अपना प्रॉफिट बुक कर सकते हैं। यही शॉर्ट सेलिंग करके कमाने का तरीका है और उतना ही आसान है जितना पहले खरीद कर बाद में बेचने का तरीका।

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Short Selling से प्रॉफिट (मुनाफा) कैसे कमाए?

शॉर्ट सेल में प्रॉफिट तभी होगा जब हम स्टॉक या इंडेक्स फ्यूचर्स ऑप्शंस को ऊंची कीमत पर सेल करके बाद में जैसे ही भाव गिरें उसे कम कीमत पर खरीद लें। इस तरह से

Profit in short selling = sell price – buy price

Profit in short selling = sell price - buy price

इसे एक एग्जाम्पल से समझते हैं। मान लीजिए आपको लगता है कि आईसीआईसीआई बैंक के शेयर का भाव गिरने वाला है। इसके लिए आपको पहले आईसीआईसीआई बैंक के शेयर को ऊपर की रेट पर बेचना होगा और जैसे ही आईसीआईसीआई बैंक के शेयर का भाव गिरे उसे लो रेट पर खरीदना होगा। रेट का ये डिफरेंस ही आपका प्रॉफिट होगा।

लेकिन आपके सेल करने के बाद आईसीआईसीआई बैंक के शेयर का रेट अगर बढ़ जाता है तब भी आपको उसे खरीदना ही पड़ेगा। ऐसी सिचुएशन में आपको लॉस बुक करके बाहर निकलना पड़ेगा।

मान लीजिए आपने आईसीआईसीआई बैंक के 100 शेयर को 400 रुपए के भाव पर पहले बेच दिए। अब ये शेयर इंट्रा डे में गिरना शुरू करता है और आप उसे 395 रुपए पर गिरता देख कर खरीद लेते हैं। इस तरह आपका प्रॉफिट होगा

प्रॉफिट = 400 – 395 = 5 × 100 = 500

अब ये भी हो सकता है कि आपके 400 रुपए के भाव पर बेचने के बाद शेयर नीचे आने की जगह ऊपर की ओर जाएं तो मार्केट क्लोजिंग के पहले उसका रेट आप के देखते देखते 4 से 5 रूपए पहुंच जाए। तब आपको उसे 405 रुपए में खरीदकर अपना सौदा स्क्वेयर ऑफ करना ही पड़ेगा। इस तरह प्रति शेयर 5 रुपए के हिसाब से 5 × 100=500 रुपए का लॉस आपको सहना होगा।

Short Selling के प्रकार

Short Selling दो तरह से की जा सकती है:

  • Intraday Short Selling चूंकि इक्विटी में होती है।
  • Positional Short Selling जो कि फ्यूचर एंड ऑप्शन में होती है। तो सबसे पहले बात करते हैं इंट्रा डे में शॉर्ट सेलिंग।

Intraday Short Selling क्या है?

इंट्रा शॉर्ट सेलिंग में एक ही दिन में स्टॉक को बेचो और स्टॉक को मार्केट बंद होने से पहले खरीद कर अपने सौदे को कंप्लीट कर लेना होता है।

अगर किसी वजह से स्टॉक को पहले शॉर्ट सेल करने के बाद उस सौदे को पूरा नहीं करते हैं यानी मान लीजिए आपने स्टॉक को शॉर्ट सेल कर दिया लेकिन उसे खरीदना भूल जाते हैं तो ऐसे केस में आपने जिस को स्टॉक बेचा है उसको स्टॉक की डिलिवरी नहीं मिल पाएगी और स्टॉक एक्सचेंज सौदे में आपको शॉर्ट सेलिंग का डिफॉल्टर मानते हुए आपके ऊपर बड़ी रकम की फाइन और पैनल्टी लगा सकता है।

इसलिए दोस्तों यह बात अच्छी तरह से समझ लें कि जब भी शॉर्ट सेलिंग करें तो ध्यान रखें कि आप सौदे को टाइम के अंदर कंप्लीट कर लें।

Positional Short Selling क्या है?

अब बात करते हैं पोजीशनल शॉर्ट सेलिंग की जो कि फ्यूचर एनड ऑप्शन में होती है। दोस्तों अगर आपको लगता है कि कोई स्टॉक या इंडेक्स अगले कुछ दिनों में नीचे जा सकता है तो आपको स्टॉक को फ्यूचर्स ऑप्शन में सेल करना होगा। यहां आप अपनी मर्जी के अनुसार क्वॉन्टिटी में सेल करने की जगह उसका कम से कम एक लॉट सेल करना पड़ेगा। जिसमें मार्जिन सुविधा भी मिलेगी। मार्जिन वो राशि होती है जो ब्रोकर आपकी ट्रेडिंग अकाउंट में मौजूद रकम का कुछ गुना आपको मुहैया कराता है।

इसका मतलब ये है कि आप उधार रकम लेकर शेयर खरीद सकते हैं और अपने शेयर बेच कर उसे वापस कर सकते हैं। आप फ्यूचर ऑप्शन में सेल करने पर आपके पास एक्सपायरी डेट तक का टाइम होता है। चूंकि महीने का आखरी गुरुवार होता है तब तक शॉर्ट पोजीशन को कैरी कर सकते हैं और चाहें तो इस पीरियड के दौरान कभी भी बाय करके अपना सौदा पूरा कर सकते हैं।

या ये बात अच्छी तरह ध्यान रखें किसी स्टॉक फ्यूचर के लॉन्च की कीमत तीन से सात लाख रुपये होती है। अगर स्टॉक के प्राइस में थोड़ा भी चेंज ऊपर की तरफ आया तो आपको बड़ा लॉस दिखने लगेगा। अपने सौदे को कैरी करने के लिए हर दिन उस लॉस को भरना ही पड़ेगा।

तो दोस्तों आपको शॉर्ट सेलिंग समझ आ गई होगी। ये याद रखें कि ये सब वैसे निवेशकों के लिए हैं जिन्हें बाजार की बहुत ज्यादा समझ होती है। अगर आप मार्केट में नए हैं तो इन सब चीजों से बचें। लेकिन आपको जानकारी जरूर होनी चाहिए।

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