{7 Best तरीके} Self Confidence kaise badhaye in Hindi

Self Confidence kaise badhaye

कोई भी मां के पेट से कॉन्फिडेंट पैदा नहीं होता कॉन्फिडेंट बना जाता है। बट आखिर कॉन्फिडेंट बनते कैसे हैं। जो लोग सच में बहुत कॉन्फिडेंट होते हैं आखिर वो ऐसा क्या अलग करते हैं जो बाकी लोग नहीं कर पाते। इस सवाल का जवाब छुपा है Confidence की एक्जैक्ट कंप्लीट डेफिनिशन में। कंप्लीट से मेरा मतलब ये है कि डेफिनिशन थोड़ी लंबी है लेकिन इस डेफिनिशन में Confidence का रीयल मतलब छुपा है।

दोस्तो आज इस पोस्ट में हम किसी टॉपिक से रिलेटेड दो चीजों के बारे में बात करने वाले हैं पहला कि कॉन्फिडेंट फील कैसे किया जाता है और दूसरा कि कॉन्टेंट दिखा कैसे जाता है। तो चलिए शुरू करते हैं।

ये 2011 की बात है जब मैं क्लास 12th में था। हमारी क्लास की जो केमिस्ट्री के टीचर थे वो बहुत ज्यादा गुस्से वाले थे। पूरे स्कूल में उनका बहुत खौफ था। एक दिन वो क्लास में आए आते ही ब्लैकबोर्ड पर लिख दिया सरप्राइज टेस्ट। उन्होंने ये भी अनाउंस कर दिया कि जो भी इस टेस्ट में अच्छा परफॉर्म नहीं करेगा उसे आज के बाद क्लास में बैठने नहीं दिया जाएगा और सारे बच्चे घबरा गए थे लेकिन कुछ टॉपर्स थे जो नॉर्मल थे।

वो एक दूसरे के साथ छेड़छाड़ करना शुरू हो गए कि तुझे क्या लगता है पेपर कैसे आएगा आदि आदि। बट एक लड़का था जो मेरे साथ बैठा था वो शांत था और स्माइल कर रहा था। मैंने उससे पूछा कि यार मुझे डर नहीं लगता। उसने जो रिप्लाई दिया Confidence की एक कंप्लीट डेफिनेशन कुछ वैसी है। पर पहले मैं Confidence की वो कंप्लीट लंबी डेफिनिशन आपको बताता हूं।

Confidence की परिभाषा

CONFIDENCE MEANS FEELING SURE OF YOURSELF AND YOUR ABILITIES. NOT IN AN ARROGANT WAY, BUT IN A REALISTIC, SECURE WAY. CONFIDENCE ISN’T ABOUT FEELING SUPERIOR TO OTHERS BUT WHEN YOU ARE CONFIDENT YOU KNOW THAT YOU CAN RELY ON YOUR SKILLS AND STRENGTHS TO HANDLE WHATEVER COMES UP.

उस लड़के ने भी कुछ ऐसा ही कहा था। उसने बोला मैं तैयार हूं और मैंने बहुत अभ्यास किया है और मुझे पता है कि केमिस्ट्री मेरी ताकत है। अगर आप को ये एग्जाम्पल डेफिनिशन समझ आ गई है तो आपको ये पता लग गया होगा कि कॉन्फिडेंट लोग क्या अलग करते है।

आप कैसे कॉन्फिडेंट फील कर पाओगे?

अब मैं स्टेप बाय स्टेप उन के पॉइंट्स बारे में डिस्कस करने वाला हूं जिनको यूज करके आप भी अपनी लाइफ में कॉन्फिडेंट फील कर पाओगे।

1 Practice A lot – खूब अभ्यास करें

रियल लाइफ में Confidence का कोई शॉर्टकट नहीं होता। क्योंकि Confidence का डायरेक्ट को रिलेशन प्रैक्टिस के साथ जुड़ा है। फॉर एग्जाम्पल अगर आपको इंग्लिश में कम्यूनिकेट करने से डर लगता है तो आप डेली इंग्लिश कम्यूनिकेशन की प्रैक्टिस करें। अगर आपको मैथ्स के सब्जेक्ट से डर लगता है तो डेली मैथ्स के questions की प्रैक्टिस करें। आप जितना किसी चीज को प्रैक्टिस करोगे उतना ही उस चीज में कॉन्फिडेंट होते जाएंगे। इसलिए practice a lot.

2 No need to be Perfect – परफेक्ट होने की जरूरत नहीं

ध्यान से समझना परफेक्ट बनने की इच्छा आपके अंदर गलती ना करने का डर पैदा करती है।जहां डर होता है वहां Confidence कैसे आएगा। खुद सोचो की दुनिया में 780 करोड़ लोग है। क्यों कि परफेक्ट होने का मतलब है हंड्रेड परसेंट एक्यूरेट होना तो ऐसे में आप परफेक्ट तो तभी कहलाओगे ना जब आप किसी चीज में उन सात सौ अस्सी करोड़ लोगों में सबसे बेहतर हों। क्या ये पॉसिबल है? परफेक्शन को measure करने का कोई स्टैंडर्ड तरीका है ही नहीं। इसलिए परफेक्शन के बजाय इम्प्रूवमेंट को चेस करें। बस ये कोशिश करें कि आप डेली खुद को कल से बेहतर बना पाएं।

3 The Mindset Shift – मानसिकता बदलें

कॉन्फिडेंट बनने के लिए एक माइंडसेट डेवलप करना पड़ता है। एक ऐसा माइंडसेट जो आपके अंदर के डर को खत्म तो नहीं करता लेकिन बहुत हद तक कम कर देता है। एक बार मुझे एक इवेंट होस्ट करने का मौका मिला। मैं बचपन से ही हमेशा ऐसे किसी तक के बारे में ड्रीम करता रहता था।

लेकिन उस दिन जब मुझे वो अपॉच्र्युनिटी रियालिटी में मिल चुकी थी तो मैं एक्साइटेड फील करने के बजाय बहुत ज्यादा घबराया हुआ था। पता है क्यों क्योंकि तब मैं अपने ड्रीम को पूरा करने की एक्साइटमेंट फील करने के बजाय ये सोच रहा था कि अगर मैं फेल हो गया तो क्या होगा।

अगर लोग मुझ पर हंसेंगे तो क्या होगा। ज्यादातर लोगों का माइंडसेट कुछ ऐसा ही होता है। लोग फेल न होने के डर से खुद को अपने ड्रीम के काबिल ही नहीं समझते उन्हें खुद पर Confidence होता ही नहीं। लेकिन ये mindset चेंज कैसे होता है? देखो जब भी आपको लगे कि आपका Confidence कम पड़ रहा है तो खुद को कहो कि,

I might fails in few attempts but I will never Stop trying.

आपको बार बार खुद को ही याद दिलाना है कि भले ही मैं कुछ कोशिश में फेल क्यूं न हो जाऊ पर मैं ट्राई करना कभी नहीं छोड़ूंगा। ये एक सिंपल पॉजिटिव सेल्फ टॉक आपके कॉन्फिडेंस को कई गुना बढ़ा देगी।

4 Have a Mentor who is already successful in that area

कभी सोचा कि बड़े बड़े ऐथलीट्स को भी कोच क्यू हायर करने पड़ते हैं। क्यों बड़े बड़े बिजनेस कोच में टॉप कंपनीज के सीईओज को बुलाया जाता है लेक्चर देने के लिए। इसका सिंपल सा रीजन है वो यह कि कई बार हम बहुत टैलंटेड और बहुत स्किल्ड होने के बाद भी लगातार खुद पर डाउट करते रहते हैं कि हम सही डायरेक्शन में आगे बढ़ती रहे हैं या नहीं।

हमारे दिमाग में ये सवाल आते ही जाते हैं कि अब नेक्स्ट क्या करना है। जब कोई ऐसा इंसान जो already वो सब कुछ अचीव कर चुका है जो आप अचीव करना चाहते हों वो आपको गाइड करे तो ऑटोमैटिकली आपका Confidence बढ़ जाता है। क्योंकि तब आपको assurance मिल जाती है कि आप जिस डायरेक्शन में आगे बढ़ रहे हों वो सही डायरेक्शन है।

कॉन्फिडेंट दिखना कैसे है?

चलो ये तो बात हुई कॉन्फिडेंट फील करने के बारे में, अब बात करते हैं कि कॉन्फिडेंट दिखना कैसे है। एंड कॉन्फिडेंट दिखने के लिए प्वाइंट नंबर वन Be calm, Speak Slowly and clearly

1 Be calm, Speak Slowly and clearly – शांत रहें, धीरे और स्पष्ट रूप से बोलें

इस पॉइंट को ढंग से समझने के लिए आप एक बार बड़े बड़े लीडर्स को जाकर देखो, ऑब्जर्व करें कि वो कैसे बैठते हैं कैसे बात करते है। आप नोटिस करोगे लीडर्स बहुत calm रहते हैं। जब वो बात भी करते हैं न तो उनके बात करने के तरीके में बहोत ठहराव होता है। So always Be calm, Speak Slowly and clearly

2 Dress Yourself Up and Prepare in Advance – खुद को तैयार करें और पहले से तैयारी करें

कपड़ों से किसी इंसान को जज नहीं करना चाहिए लेकिन ये बात भी सच है कि कपड़े आपकी पर्सनालिटी को enhance कर देते हैं। किसी मीटिंग किसी प्रेजेंटेशन के लिए अगर एंड टाइम पर प्रिपेयर करते हो तो आपके दिमाग में डाउट रहता है कि मैंने सब कुछ ढंग से prepare किया है न कुछ छूट तो नहीं गया। लेकिन एडवांस में प्रिपेयर करने से ये डाउट कम हो जाता। जब आप आराम से टाइम लेकर किसी इवेंट के लिए ड्रेसअप होते हो तो ऑटोमैटिकली कॉन्फिडेंट और अट्रैक्टिव लगने लगते हैं।

3 Don’t Over Explain Or Over Justify – अधिक जस्टिफाई न करें

कॉन्फिडेंट लोग कभी भी अपने आपको ओवर जस्टिफाई नहीं करते ना ही वो चीजों को ज्यादा एक्सप्लेन करते हैं। आपको किसी भी चीज के बारे में सिर्फ उतना ही बोलना चाहिए जितना पूछा गया हो। वरना ऐसा लगता है कि आप जबरदस्ती कुछ ऐसा एक्सप्लेन करने की कोशिश कर रहे हो जिस बारे में आपको खुद ही Confidence नहीं है

तो ये थे वो कुछ पॉइंट्स जिनकी मदद से आप कॉन्फिडेंट फील कर पाओगे और कॉन्फिडेंट दिख भी पाओगे। उम्मीद है आप को ये पोस्ट आई होगी। अगर आप को ये पोस्ट पसंद आयी हैं तो जरूर शेयर करें, धन्यवाद।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *